नशा मुक्त भारत के संकल्प के साथ हरिद्वार में आयोजित हुआ बहुद्देश्यीय विधिक सेवा एवं जागरूकता शिविर
हरिद्वार, 7 दिसम्बर। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरिद्वार के संयुक्त तत्वावधान में कोर कॉलेज, हरिद्वार में नशा मुक्त अभियान के तहत बहुद्देश्यीय विधिक सेवा एवं जागरूकता शिविर का भव्य आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुहनाथन नरेंद्र तथा विशेष अतिथि न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति गुहनाथन नरेंद्र ने कहा कि चाइल्ड वेलफेयर इंस्टीट्यूट के बच्चों का प्रदर्शन आज के कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं का उपयोग हमारे समय की सबसे गंभीर सामाजिक और मानवीय समस्याओं में से एक है। एनसीबी द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि देशभर में जब्त की गई नशीली दवाओं का मूल्य 25,330 करोड़ रुपये है, जो समस्या की भयावहता को दर्शाता है। उन्होंने शिक्षण संस्थाओं से विशेष आग्रह किया कि वे छात्रों के बीच जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ावा दें और समाज में नशा मुक्ति का संदेश फैलाएँ।
न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल ने कहा कि ड्रग अवेयरनेस एंड वेलनेस नेविगेशन स्कीम 2025 समाज के मानसिक, सामाजिक और आर्थिक स्वास्थ्य से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने बताया कि विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य केवल कानून बताना नहीं, बल्कि समाज को सशक्त बनाना और युवाओं को सुरक्षित भविष्य का मार्ग दिखाना है।
जिला न्यायाधीश नरेंद्र दत्त ने बताया कि नालसा के दिशा-निर्देशों में तैयार की गई ‘DOWN’ स्कीम ड्रग्स के दुरुपयोग की रोकथाम, जागरूकता और कानूनी सहायता के लिए महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में एसपी ज्वालापुर जितेंद्र चौधरी, एसपी निशा यादव सहित कई वक्ताओं ने नशा मुक्त समाज के लिए अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में छात्रों ने स्वागत गीत, नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। विभिन्न विभागों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं के स्टॉल लगाए गए, जिनका निरीक्षण मुख्य अतिथियों ने किया। लाभार्थियों को चेक, दिव्यांगों को व्हीलचेयर एवं प्रतिभाशाली बच्चों को प्रशस्ति पत्र वितरित किए गए।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी अतिथियों, न्यायमूर्तियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए इसे नशा मुक्त भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। इस अवसर पर रजिस्ट्रार जनरल उत्तराखंड उच्च न्यायालय योगेश कुमार गुप्ता, न्यायधीश अजय कुमार चौधरी, एडिनेशनल डिस्ट्रिक्ट न्यायाधीश चंद्रमणि रॉय, प्रोटोकॉल विवेक श्रीवास्तव, भारत भूषण पांडे, योगेश्वर कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोभाल, सचिव जिला विधिक प्राधिकरण व सीनियर सिविल जज सिमरनजीत कौर, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा न्यायिक अधिकारियों, पुलिस प्रशासन, बार एसोसिएशन पदाधिकारियों, छात्र-छात्राओं एवं बड़ी संख्या में जनसमूह की उपस्थिति रही।
