हरिद्वार। नवरात्र के पावन अवसर पर एक मां की आठ वर्षों की लंबी प्रतीक्षा आखिरकार खुशी में बदल गई, जब हरिद्वार पुलिस की AHTU टीम ने उसके बिछड़े बेटे से मिलवा दिया। बरेली निवासी ममता के दो मासूम बेटे, सोनू (6) और मोनू (4), आठ साल पहले घर से लापता हो गए थे। तब से ममता और उसके पति सुरेश बच्चों की तलाश में दर-दर भटकते रहे, लेकिन हर कोशिश नाकाम रही। आखिरकार 16 मार्च को ऑपरेशन स्माइल के तहत हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने तीन बच्चों को रेस्क्यू किया, जिनमें सोनू भी शामिल था। काउंसलिंग के दौरान मिली अधूरी जानकारी के आधार पर पुलिस ने कई राज्यों में तलाश की और अंततः 19 मार्च को ममता की बहन के जरिए संपर्क स्थापित किया।
वीडियो कॉल पर मां-बेटे की बात करवाई गई और फिर विधिक प्रक्रिया पूरी कर सोनू को उसकी मां को सौंप दिया गया। बेटे से मिलकर ममता की आंखों में आंसू और चेहरे पर सुकून साफ झलक रहा था। ममता ने पुलिस का आभार जताते हुए अपने दूसरे बेटे मोनू की तलाश में भी मदद की गुहार लगाई।
